इस पोस्ट में मत्स्यासन के लाभ (Matsyasana benefits),मत्स्यासन करने की विधि, सावधानी,इसे क्यों करें ? यह किस प्रकार मधुमेह ,थायराइडको संतुलित करता है और फेफड़ों को मजबूत बनता है तथा वजन घटाने,एवं सर्वाइकल पेन में इस आसन की उपयोगिता का सारगर्भित विवरण किया गया है। निश्चित रूप से मत्स्यासन विषय पर लिखा यह पोस्ट आप के लिए उपयोगी सिध्द होगा।
मत्स्यासन (Matsyasana): शरीर को स्फूर्ति और रोगों से मुक्ति देने वाला 'Fish Pose'
योग विज्ञान
में मत्स्यासन का एक विशेष स्थान है।
संस्कृत शब्द 'मत्स्य' का अर्थ है 'मछली'। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर की आकृति पानी में तैरती
हुई मछली जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे 'मत्स्यासन', 'मछली आसन' या Fish Pose कहा जाता है।
इसे अक्सर 'सर्वांगासन'
के पूरक (Counter-pose)
के रूप में
किया जाता है क्योंकि यह गर्दन और रीढ़ के तनाव को दूर करता है।
मत्स्यासन क्यों करें? (Importance)
आज की भागदौड़
भरी जिंदगी में हम ज्यादातर समय झुककर काम करते हैं (कंप्यूटर या मोबाइल पर)। इससे
हमारी छाती संकुचित हो जाती है और फेफड़ों की क्षमता कम होने लगती है। मत्स्यासन
छाती को चौड़ा करने, फेफड़ों को खोलने और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को वापस लाने
का सबसे प्रभावी तरीका है।
मत्स्यासन करने की विधि (Step-by-Step)
- प्रारंभिक
स्थिति: फर्श पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल सीधे लेट
जाएं।
- पद्मासन
या सामान्य स्थिति: यदि आप सक्षम हैं,
तो पद्मासन लगाएं। शुरुआती लोग पैरों को सीधा रखकर भी
इसे कर सकते हैं।
- सहारा
लें: अपनी हथेलियों को कूल्हों के नीचे दबाएं
(हथेलियां जमीन की ओर)।
- पीठ
उठाएं: अब कोहनियों पर दबाव डालते हुए धीरे-धीरे
अपनी छाती और कंधों को ऊपर उठाएं।
- सिर की
स्थिति: अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं और सिर के
ऊपरी हिस्से (Crown) को जमीन से स्पर्श कराएं।
- सांस लें: शरीर का पूरा भार कोहनियों पर रखें, सिर पर
नहीं। लंबी और गहरी सांस लें।
- वापसी: इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकें, फिर धीरे
से सिर को सीधा करें और लेट जाएं।
मत्स्यासन के अद्भुत लाभ (Benefits)
- श्वसन
तंत्र के लिए वरदान: यह फेफड़ों की क्षमता
बढ़ाता है, जिससे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसे रोगों में राहत
मिलती है।
- थायराइड
का नियंत्रण: गर्दन के खिंचाव से
थायराइड और पैराथायराइड ग्रंथियां उत्तेजित होती हैं, जो मेटाबॉलिज्म को
सुधरती हैं।
- कब्ज से
राहत: पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होने से
पाचन तंत्र बेहतर होता है और कब्ज की समस्या दूर होती है।
- तनाव
मुक्ति: यह आसन मन को शांत करता है और थकान व चिंता
को कम करने में सहायक है।
मधुमेह (Diabetes) और अन्य रोगों में
प्रभावशीलता
मत्स्यासन
सिर्फ मांसपेशियों के लिए नहीं, बल्कि आंतरिक अंगों के लिए भी प्रभावी है:
- मधुमेह (Diabetes):
इस आसन के दौरान पेट के अंगों पर गहरा दबाव और खिंचाव
पड़ता है, जिससे अग्न्याशय (Pancreas)
सक्रिय होता है। यह इंसुलिन के स्राव में मदद करता है,
जिससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना आसान हो जाता
है।
- सर्वाइकल
स्पॉन्डिलाइटिस: यह गर्दन और कंधों की
जकड़न को दूर करता है (हालांकि गंभीर दर्द में इसे विशेषज्ञ की सलाह पर ही
करें)।
- हार्मोनल
असंतुलन: पीनियल और पिट्यूटरी ग्रंथियों पर
सकारात्मक प्रभाव डालकर यह हार्मोनल बैलेंस बनाए रखता है।
सावधानियां (Precautions)
हर योग आसन की
अपनी सीमाएं होती हैं। मत्स्यासन करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें:
- यदि आपको हाइपरटेंशन (High BP) या माइग्रेन की समस्या
है, तो इसे न करें।
- गर्दन या
पीठ के निचले हिस्से में गंभीर चोट होने पर इस आसन से बचें।
- गर्भवती
महिलाएं और पेप्टिक अल्सर के रोगी इसे न करें।
- इसे हमेशा
खाली पेट ही करें।
प्रो टिप: अगर आप पहली बार यह आसन कर रहे हैं, तो गर्दन के नीचे एक नरम तकिया या योग ब्लॉक रख सकते हैं ताकि गर्दन पर ज्यादा दबाव न आए।
क्या आप अपने
योग अभ्यास में मत्स्यासन को शामिल करने के लिए तैयार हैं? यदि आपको गर्दन में दर्द
रहता है, तो मैं इसके कुछ आसान विकल्प या वेरिएशन यहाँ पर बताता हूँ।
मत्स्यासन के सरल विकल्प (Easy Variations)
यदि आपको पूर्ण
मत्स्यासन करने में कठिनाई होती है, तो आप इन तरीकों को अपना सकते हैं:
1. सहारा लेकर मत्स्यासन (Supported Fish Pose)
यह विकल्प उन
लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिन्हें गर्दन में दर्द (Cervical) रहता है या
जिनका शरीर कम लचीला है।
- कैसे
करें: एक लंबा तकिया (Bolster) या कंबल
को रोल करके अपनी पीठ के नीचे (कंधों के ठीक नीचे) रखें। अब धीरे से उस पर
लेट जाएं।
- लाभ: इससे आपकी छाती बिना किसी तनाव के खुल जाती है और
गर्दन पर बिल्कुल दबाव नहीं पड़ता।
2. सीधे पैरों के साथ मत्स्यासन (Straight Leg Version)
शुरुआती लोग
अक्सर पद्मासन नहीं लगा पाते, उनके लिए यह सरल तरीका है।
- कैसे
करें: पैरों को मोड़ने के बजाय उन्हें बिल्कुल
सीधा रखें और पंजों को बाहर की तरफ खींचकर रखें। बाकी की प्रक्रिया (पीठ
उठाना और सिर टिकाना) सामान्य रहेगी।
- लाभ: यह घुटनों के दर्द वाले लोगों के लिए भी सुरक्षित है।
3. योग ब्लॉक्स (Yoga Blocks) का उपयोग
- कैसे
करें: एक योग ब्लॉक को अपनी पीठ के मध्य हिस्से
के नीचे रखें और दूसरे ब्लॉक को अपने सिर के नीचे।
- ध्यान
दें: सिर के नीचे वाला ब्लॉक पीठ वाले ब्लॉक के
बराबर या उससे थोड़ा ऊँचा होना चाहिए ताकि गर्दन पर झटका न लगे।
गर्दन के दर्द के लिए विशेष सावधानियां
अगर आपको गर्दन
में तकलीफ रहती है, तो इन 3 बातों का पालन जरूर करें:
- वजन का
संतुलन: शरीर का पूरा भार कोहनियों (Elbows)
पर रखें, सिर या गर्दन पर नहीं।
- सिर की
स्थिति: सिर के ऊपरी हिस्से (Crown) को जमीन
पर लगाने के बजाय, सिर के पिछले हिस्से को हल्का सा टिकाएं।
- झटके से बचें: आसन से बाहर आते समय कभी भी झटके से न उठें। पहले अपनी कोहनियों के सहारे गर्दन को सीधा करें, फिर पीठ को जमीन पर लाएं।
विशेष सुझाव: मत्स्यासन करने के तुरंत बाद 'हलासन' या 'पवनमुक्तासन' करना बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि यह रीढ़ की हड्डी को वापस संतुलित कर देता है।
मत्स्यासन: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या मत्स्यासन का अभ्यास हर रोज किया जा सकता है?
हाँ, मत्स्यासन का अभ्यास प्रतिदिन किया जा सकता है। सुबह खाली पेट इसका अभ्यास करना सबसे अच्छा माना जाता है। यह दिन भर आपके ऊर्जा स्तर (Energy Level) को बनाए रखने में मदद करता है।
2. मुझे थायराइड है, क्या यह आसन मेरे लिए सुरक्षित है?
जी हाँ, थायराइड के मरीजों के लिए मत्स्यासन सबसे प्रभावी आसनों में से एक है। यह गर्दन क्षेत्र में रक्त संचार बढ़ाता है और थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है। हालांकि, शुरुआत किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।
3. क्या पीरियड्स के दौरान मत्स्यासन करना चाहिए?
आमतौर पर पीरियड्स के दौरान भारी खिंचाव वाले आसनों से बचने की सलाह दी जाती है। यदि आपको बहुत अधिक दर्द या असुविधा है, तो इसे न करें। इसकी जगह आप 'सहारा लेकर मत्स्यासन' (तकिए का उपयोग करके) कर सकती हैं, जो शरीर को आराम देता है।
4. इस आसन को कितनी देर तक रोकना चाहिए?
एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए शुरुआत में 30 से 60 सेकंड पर्याप्त हैं। जैसे-जैसे आपका अभ्यास बढ़ता है, आप इसे 2 से 3 मिनट तक बढ़ा सकते हैं।
5. क्या गर्दन के दर्द (Cervical) में यह आसन किया जा सकता है?
यदि दर्द हल्का है, तो आप इसे विशेषज्ञ की सलाह पर 'सपोर्ट' के साथ कर सकते हैं। लेकिन यदि दर्द गंभीर (Acute) है, तो इसे करने से बचें, क्योंकि यह दर्द को बढ़ा सकता है।
6. क्या मत्स्यासन से वजन कम होता है?
सीधे तौर पर यह बहुत अधिक कैलोरी नहीं जलाता, लेकिन यह आपके मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को तेज करता है और पाचन में सुधार करता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से वजन घटाने में मदद करता है।
ब्लॉग का निष्कर्ष (Conclusion)
मत्स्यासन केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन के बीच संतुलन बनाने का एक साधन है। यदि आप मधुमेह, अस्थमा या थायराइड जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं। याद रखें, योग में निरंतरता ही सफलता की कुंजी है।
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